शिमला, 9 सितंबर (हि.स.) : हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने शिमला जिले की विभिन्न जातियों और समुदायों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची में शामिल करने से जुड़े मामलों की समीक्षा की। आयोग के अध्यक्ष प्रभात चंद की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में संबंधित समुदायों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति समेत आयोग की ओर से तय मानकों के आधार पर उपलब्ध रिपोर्ट पर चर्चा की गई। आयोग के अध्यक्ष प्रभात चंद ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक आधार पर पिछड़े पाए जाने वाले समुदायों को अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल किया जाता है। इसके लिए आयोग ने 25 मानदंड तय किए हैं। किसी जाति या समुदाय को ओबीसी का दर्जा देने से पहले इन सभी मानदंडों के आधार पर उसकी स्थिति का आकलन किया जाता है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों से जरूरी रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पा रही हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया में देरी हो रही है। बैठक में विभिन्न समुदायों से संबंधित जानकारी और रिपोर्ट आयोग के समक्ष रखी गई। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार ब्राह्मण भुजुरु, ब्राह्मण आचारज, कुलाल/कलाल और भाट/भट्टा समुदायों के संबंध में आयोग की ओर से निर्धारित 25 मानदंडों की पूरी जानकारी अभी प्राप्त नहीं हुई है। इस संबंध में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (कानून एवं व्यवस्था), शिमला की ओर से सूचनात्मक पत्र और अनुस्मारक आयोग को प्राप्त हुए हैं। डोडरा क्वार समुदाय के मामले में आयोग पहले ही क्षेत्र में सार्वजनिक सुनवाई कर चुका है। आयोग की ओर से 11 जून 2026 को क्वार और 12 जून 2026 को डोडरा क्षेत्र में सार्वजनिक सुनवाई की गई थी। इसके बाद 25 जून 2026 को उपमंडल अधिकारी (नागरिक), डोडरा कवार की ओर से आयोग के 25 निर्धारित मानदंडों के आधार पर रिपोर्ट भेजी गई। आयोग के अनुसार 25 निर्धारित मानदंडों से जुड़ी पूरी और स्पष्ट जानकारी मिलने के बाद ही संबंधित समुदायों को ओबीसी सूची में शामिल करने के मामलों में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
ओबीसी श्रेणी में शामिल करने संबंधी आवेदनों का समीक्षात्मक विश्लेषण
आयोग के अनुसार 25 निर्धारित मानदंडों से जुड़ी पूरी और स्पष्ट जानकारी मिलने के बाद ही संबंधित समुदायों को ओबीसी सूची में शामिल करने के मामलों में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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