शिमला, 02 सितंबर (हि.स.) : हिमाचल प्रदेश में अवैध खनन और खनन सामग्री के अवैध परिवहन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। प्रदेश में पिछले तीन वर्षों के दौरान 1 अगस्त 2026 तक खनन विभाग ने अवैध खनन और परिवहन के कुल 13,082 मामले दर्ज किए हैं। इनमें से 10,152 मामलों में दोषियों से जुर्माने के रूप में 8 करोड़ 79 लाख 25 हजार 770 रुपए की राशि वसूल की गई है। शेष 2,930 मामलों में नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह जानकारी शाहपुर से कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया की ओर से विधानसभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने दी है। विधानसभा में दिए गए जवाब में सरकार ने प्रदेश के नदी-नालों में खनन गतिविधियों से होने वाली आय का भी विवरण दिया है। उद्योग मंत्री ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न नदी-नालों में कुल 305 खनन पट्टे प्रदान किए गए हैं। इन खनन पट्टों से 1 अगस्त 2026 तक सरकार को 302 करोड़ 88 लाख 63 हजार 938 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। उद्योग मंत्री ने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश में खनन गतिविधियों को केंद्र सरकार के खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत नियंत्रित किया जाता है। इस कानून की धारा 15 और 23(सी) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश गौण खनिज (रियायत) और (अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की रोकथाम) नियम, 2015 अधिसूचित किए हैं। इन नियमों के तहत प्रदेश में खनन गतिविधियों को नियंत्रित किया जाता है और अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन तथा अवैध भंडारण को रोकने के लिए कार्रवाई की जाती है।
हिमाचल में 3 वर्ष में अवैध खनन के 13,000 से अधिक मामले
यह जानकारी शाहपुर से कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया की ओर से विधानसभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने दी है।
संबंधित सामग्री
सीएम सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के समक्ष उठाया ड्रेजिंग का मुद्दा
दोनों नेताओं के बीच हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित नदी क्षेत्रों में वैज्ञानिक ड्रेजिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू दिल्ली रवाना, केंद्रीय मंत्रियों से करेंगे मुलाकात
हिमाचल से जुड़ी विभिन्न विकास परियोजनाओं और लंबित मामलों पर चर्चा होने की संभावना है।
हिमाचल विधानसभा के आखिरी दिन चार विधेयक पारित
पारित विधेयकों को अब राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
लॉटरी शुरू करने के फैसले से नाखुश भाजपा विधायक, विधानसभा परिसर में किया प्रदर्शन
हिमाचल पहले ही नशे की समस्या से जूझ रहा है। चिट्टा गांव-गांव तक पहुंच चुका है। ऐसे समय में लॉटरी शुरू होने से लोगों में एक और तरह की लत बढ़ने का खतरा है।
खन्ना शहर के 33 वार्डों में कचरे के संवेदनशील स्थानों की होगी विशेष सफाई : स्वाति टिवाणा
अब कचरा फैंकने पर लगेगा 50 हजार रुपए जुर्माना, संवेदनशील स्थानों पर लगाए जाएंगे सी. सी. टी. वी. कैमरे।