किशाऊ परियोजना की अनुमानित लागत 15,624 करोड़ रुपए

किशाऊ बांध में हिमाचल के जल अधिकारों से हुआ समझौता, श्वेतपत्र जारी करे प्रदेश सरकार : बिंदल

उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के किशाऊ परियोजना से हिमाचल को करीब 1,200 करोड़ रुपए सालाना आय होने के अनुमान का भी उल्लेख किया।

By : Just Click National , Sukhwinder Kaur
किशाऊ बांध में हिमाचल के जल अधिकारों से हुआ समझौता, श्वेतपत्र जारी करे प्रदेश सरकार : बिंदल

शिमला, 21 सितम्बर (हि.स.) : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना को लेकर प्रदेश सरकार पर हिमाचल के दीर्घकालिक जल हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि परियोजना में हिमाचल को होने वाले वित्तीय लाभ और जल अधिकारों की पूरी तस्वीर जनता के सामने रखी जानी चाहिए। बिंदल ने सरकार से किशाऊ परियोजना पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। बिंदल ने कहा कि 15 सितंबर को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बीच किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना को लेकर समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से वर्षों से लंबित परियोजना आगे बढ़ी है। भाजपा इसका स्वागत करती है, लेकिन प्रदेश सरकार को समझौते के सभी प्रावधान स्पष्ट करने चाहिए। उन्होंने कहा कि किशाऊ परियोजना की अनुमानित लागत 15,624 करोड़ रुपए है। इसमें 12,096 करोड़ रुपए जल घटक और 3,528 करोड़ रुपए विद्युत घटक की लागत है। बिंदल के अनुसार जल घटक की लागत केंद्र सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 की व्यवस्था के अनुसार विद्युत घटक में हिमाचल और उत्तराखंड को 50-50 प्रतिशत लागत वहन करनी थी। इस हिसाब से हिमाचल की हिस्सेदारी 1,764 करोड़ रुपए बनती थी। बिंदल ने कहा कि परियोजना की निर्धारित अवधि को ध्यान में रखते हुए हिमाचल के 1,764 करोड़ रुपए के निवेश का औसत वित्तीय भार करीब 135.69 करोड़ रुपए सालाना बैठता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने इस निवेश से बचने को प्राथमिकता दी और इसके बदले हिमाचल के जल अधिकारों में बदलाव स्वीकार किया। उनके अनुसार हिमाचल के हिस्से में करीब 50 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी आता था। नए समझौते में इस व्यवस्था में बदलाव हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि हिमाचल के जल अधिकारों में क्या परिवर्तन हुआ है और भविष्य में प्रदेश की जरूरत बढ़ने पर पानी की उपलब्धता कैसे सुनिश्चित होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के किशाऊ परियोजना से हिमाचल को करीब 1,200 करोड़ रुपए सालाना आय होने के अनुमान का भी उल्लेख किया। बिंदल ने कहा कि सरकार को इस अनुमान का आधार सार्वजनिक करना चाहिए। इसमें हिमाचल को मिलने वाली बिजली, बिजली की बिक्री से आय, उत्पादन लागत और अन्य वित्तीय दायित्वों की जानकारी होनी चाहिए।

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