हाइड्रोजन रेल का उद्घाटन, भारत की आत्मनिर्भरता में नई उछाल

जींद : कांग्रेस ने अगर पटरी बिछाई है, तो हमने उस पर आधुनिक ट्रेन दौड़ा दी : सुधा यादव

केंद्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य सुधा यादव ने सांसदों से बातचीत करते हुए कहा कि हाइड्रोजन रेल भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने कांग्रेस को अपने आलोचनात्मक भाषण पर हिंसा करने की अपेक्षा इसके कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित करने की मांग की। उल्लेखनीय है कि भारतीय वैज्ञानिकों ने ही इसकी तकनीक विकसित की है, जिसने वायु प्रदूषण को कम करने और ऊर्जा खपत में कमी लाने में मदद करी। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस उद्घाटन का आयोजन भारत को हरित ऊर्जा क्रांति में अग्रणी देशों की कतार में रखने के लक्ष्य से किया जा रहा है।

By : Just Click National , Harmanjot Singh

जींद : कांग्रेस ने अगर पटरी बिछाई है, तो हमने उस पर आधुनिक ट्रेन दौड़ा दी : सुधा यादव

जींद, (हि.स.) पूर्व सांसद एवं केंद्रीय संसदीय बोर्ड की सदस्य सुधा यादव ने कहा कि कांग्रेस हाइड्रोजन ट्रेन के लिए पटरी बिछाने की बात कर रहे हैं लेकिन 70 सालों तक देश पर हुकूमत करने वाले अगर आज सिर्फ एक रेल पटरी बिछाने का श्रेय लेना चाहते हैं तो यह हंसी की बात है। अगर उन्होंने पटरी बिछाई है, तो हम उस पर देश की सबसे आधुनिक हाइड्रोजन ट्रेन दौड़ा रहे हैं। उन्हें मलाल करने के बजाय देश की इस प्रगति पर मोदी सरकार का धन्यवाद करना चाहिए। केंद्रीय संसदीय बोर्ड की सदस्य सुधा यादव मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन सिर्फ एक नई ट्रेन नहीं है बल्कि आत्मनिर्भर भारत का जीता जागता स्वरूप है। इस ट्रेन की तकनीक और निर्माण भारत की धरती पर हमारे अपने वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है। यह ट्रेन न केवल देश में बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकेगी बल्कि कोयले और बिजली की भारी बचत भी करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने इस दौरे पर देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन का उद्धघाटन कर देश को आत्मनिर्भरता की एक नई सौगात सौंपेंगे। 
          डा. सुधा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं और अब वे 13वें वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं। इन वर्षों में देश ने गरीब कल्याण के साथ-साथ राष्ट्र को विकसित बनाने के दोनों संकल्पों को एक साथ जमीन पर उतरते देखा है। इस हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन भारत को दुनिया के उन चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा कर देगा, जो हरित ईंधन क्रांति का नेतृत्व कर रहे हैं। पूर्व सांसद ने कहा कि भारत देश में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे के विकास का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देते हुए कहा कि पहले देश में केवल पांच ही आईआईटी हुआ करती थी। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में जब वो स्वयं सांसद थीं औऔर मुरली मनोहर जोशी मानव संसाधन विकास मंत्री थे, तब हमने आईटी भुज और रुड़की विश्वविद्यालय को अपग्रेड कर आआईटी का दर्जा दिया था। हरियाणा को आईआईएम तो मिल चुका है और जहां तक राज्य में आईआईटी की स्थापना का विषय है, इसे मैं पूरी गंभीरता के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखूंगी।
 

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