लखनऊ, 5 सितंबर (हि.स.) : शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी शिक्षकों और गुरुजनों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सेल्फी वीडियो साझा करते हुए उत्तर प्रदेश की प्राचीन ज्ञान परंपरा को याद किया और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री योगी ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश की विशिष्ट ज्ञान परंपरा को आधुनिक स्वरूप में नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाले सभी गुरुजनों और शिक्षकों को वह शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई देते हैं। उत्तर प्रदेश प्राचीन काल से ज्ञान, साधना और संस्कारों की पावन भूमि रहा है। काशी ने विश्व को ज्ञान का प्रकाश दिया, जबकि सारनाथ में भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया था। अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज भी सनातन ज्ञान परंपरा के प्रमुख केंद्र रहे हैं। मुख्यमंत्री ने शुकतीर्थ और नैमिषारण्य की ज्ञान परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब पांच हजार वर्ष पूर्व शुकतीर्थ में महर्षि शुकदेव ने श्रीमद्भागवत का प्रथम वाचन किया था। वहीं नैमिषारण्य में 88 हजार ऋषियों की साधना ने भारतीय ज्ञान परंपरा को समृद्ध किया। इसी भूमि से आयुर्वेद, अध्यात्म, दर्शन और भारतीय ज्ञान-विज्ञान की महान परंपराएं विकसित हुईं। योगी ने कहा कि आज प्रदेश के शिक्षक इसी गौरवशाली ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा, तकनीक और नवाचार से जोड़कर नई पीढ़ी का भविष्य गढ़ रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए उनके प्रति मंगलमय शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
आधुनिक शिक्षा और नवाचार से नई पीढ़ी का भविष्य गढ़ रहे शिक्षक : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
काशी ने विश्व को ज्ञान का प्रकाश दिया, जबकि सारनाथ में भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया था।
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