रायपुर/बीजापुर,02 सितंबर (हि.स.) : छत्तीसगढ़ के बस्तर के घने जंगलों और दुर्गम इलाकों में बारिश, कीचड़ और कठिन रास्तों के बीच मां मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर डा. प्रेमा साईं मंगलवार शाम काे नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे। जहां उन्हाेंने उनकी पीड़ा को करीब से समझना, उनका हालचाल जानना। यमपुर (पामेड़) से लेकर नेलाकांकेर तक की इस यात्रा में बारिश और कीचड़ के कारण उनका काफिला मुश्किल में फंस गया। एक वाहन कीचड़ में फंस गया, जबकि काफिले की एक अन्य गाड़ी खराब हो गई। इसके बावजूद यात्रा नहीं रोकी गई। कठिन परिस्थितियों के बीच डॉ. प्रेमा साईं ग्रामीणों के बीच पहुंचे और नक्सल हिंसा में जान गंवाने वाले परिवारों से मुलाकात की। यमपुर और नेलाकांकेर की इस यात्रा में डॉ. प्रेमा साईं ने कुल चार नक्सल पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। आर्थिक सहायता के साथ महिलाओं को साड़ी और बच्चों को कपड़े तथा शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। वहीं तिरुपति सोढ़ी की बेटी संध्या की शादी का पूरा खर्च उठाने की घोषणा ने इस यात्रा को एक अलग मानवीय आयाम दिया। ग्रामीणों से बातचीत के दौरान डॉ. प्रेमा साईं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा का उल्लेख करते हुए उन्हें ‘देव पुरुष’ बताया। दोनों परिवारों की परिस्थितियों को समझने के बाद महाराज जी ने 21-21 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके साथ ही महिलाओं को साड़ी और बच्चों को कपड़े, कॉपी, पेन, कंपास बॉक्स व चप्पल वितरित की गई। ग्रामीणों को दिव्य कवच और भभूति भी प्रदान की गई। उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठकर भोजन किया और उनकी समस्याएं सुनीं। यमपुर के बाद डॉ. प्रेमा साईं जी महाराज ग्राम नेलाकांकेर पहुंचे। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया और बड़ी संख्या में लोगों ने उनसे आशीर्वाद लिया। यहां उन्होंने नक्सल हिंसा में वर्ष 2026 में मारे गए 40 वर्षीय तिरुपति सोढ़ी के परिवार से मुलाकात की। पीड़ित परिवार से बातचीत के दौरान डॉ. प्रेमा साईं ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि तिरुपति सोढ़ी की बेटी संध्या की शादी का पूरा खर्च वे स्वयं उठाएंगे और कन्यादान करेंगे। इस पहल को आर्थिक सहायता से आगे बढ़कर एक परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेने के रूप में देखा गया।
नक्सल पीड़ितों के घर पहुंचे डा. प्रेमा साईं, मोदी-शाह को बताया ‘देव पुरुष’
दोनों परिवारों की परिस्थितियों को समझने के बाद महाराज जी ने 21-21 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की।
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