बीजापुर: आठ नक्सलियों का आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 49 लाख के इनामी आठ नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

बीजापुर में सीआरपीएफ सहयोग से आठ नक्सली गिरफ्तार करने वाली पुलिस ने एक प्रमुख कदम उठाया। इनमें पांच महिलाएँ और तीन पुरुष शामिल हैं, जिन्होंने अपनी छुपाई छोड़ दी। इनके प्रति 49 लाख रुपये का इनाम देकर उन्हें नई सुरक्षा प्रदान की जाएगी

By : Just Click National , Harpreet Singh
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 49 लाख के इनामी आठ नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

बीजापुर, (हि.स.) छत्तीसगढ़ के बीजापुर में आठ नक्सलियाें ने बुधवार काे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सहयोग से बीजापुर पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार गुप्ता के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियाें में पांच महिला एवं तीन पुरुष कैडर शामिल हैं। इन पर कुल 49 लाख रूपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार दक्षिण जोनल कमेटी और सरांडा सब जोनल कमेटी से जुड़े डीवीसीएम कैडर के तीन पुरुष नक्सलियाें 8-8 लाख के इनामी अश्विन उर्फ लच्छू, रंगा उर्फ सोहन एवं दोबा माड़वी उर्फ राहत शामिल हैं। इनके अलावा कोल्हान एरिया कमेटी की सदस्य 5-5 लाख की इनामी फगनी पोयाम उर्फ रजनी, सूरज मुन्नी चम्पिया उर्फ सुबनी, हिड़मे कड़ती उर्फ रीता, बुधरी कुंजाम उर्फ अनुषा तथा सलमी चम्पिया उर्फ जिलानी शामिल हैं। 

       सभी कैडर लंबे समय से प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़े होकर झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय थे। सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव, संगठन की कमजोर स्थिति, पूर्व नक्सलियों के सफल पुनर्वास तथा आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास कार्यों से प्रभावित होकर इन्होंने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी 8 नक्सलियों को शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा, स्वरोजगार एवं रोजगार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा इनके सम्मानजनक पुनर्वास के लिए सहयोग भी दिया जाएगा। सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई की देर रात धनबाद-गिरिडीह सीमा पर संयुक्त अभियान चलाकर नक्सली संगठन के अंतिम सक्रिय पोलित ब्यूरो एवं सेंट्रल कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर को उस समय गिरफ्तार किया था, जब वह अपने साथियों के साथ वाहन से भागने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षा टीमों का मानना है कि इस गिरफ्तारी के बाद नक्सली संगठन लगभग खात्में की ओर बढ़ रहा है, जिसके चलते कई नक्सली मुख्यधारा में लौटने का फैसला कर रहे हैं।