आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले

विभिन्न मांगों को लेकर सेविका-सहायिकाओं का धरना-प्रदर्शन

महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन जीवन-यापन की मूलभूत जरूरतों के अनुरूप मानदेय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है।

By : Just Click National , Sukhwinder Kaur
विभिन्न मांगों को लेकर सेविका-सहायिकाओं का धरना-प्रदर्शन

प्रदर्शन करती आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाएं

सुपौल, 25 अगस्त (हि.स.) : जिले के छातापुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय के सामने मंगलवार को बिहार आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले सेविका-सहायिकाओं ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में सेविका-सहायिकाएं आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन करने के बाद प्रखंड मुख्यालय पहुंचीं और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए सरकार से मांगों के शीघ्र समाधान की अपील की। धरना को संबोधित करते हुए सेविका-सहायिकाओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत के बावजूद उनके मानदेय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने सम्मानजनक एवं समुचित मानदेय की मांग की। साथ ही सेविका एवं सहायिका के बकाया मानदेय का अद्यतन भुगतान सुनिश्चित करने तथा मानदेय के खंडित भुगतान की प्रक्रिया समाप्त कर नियमित और समयबद्ध भुगतान की मांग रखी। संघ की छह सूत्रीय मांगों में सेविका-सहायिकाओं को 5जी मोबाइल फोन एवं रिचार्ज की सुविधा देने सेविका से महिला पर्यवेक्षिका तथा सहायिका से सेविका के पद पर बहाली एवं पदोन्नति की प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही लंबित बहाली प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की गई। सेविका-सहायिकाओं ने पोशाक राशि, अन्नप्राशन, गोदभराई, प्रोत्साहन राशि, मकान किराया, मोबाइल रिचार्ज सहित अन्य लंबित देय राशि का अद्यतन भुगतान अविलंब सुनिश्चित करने की भी मांग की। वहीं न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के आलोक में सेविका-सहायिकाओं को ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवांत लाभ लागू कर प्रदान करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। धरना-प्रदर्शन के बाद संघ की ओर से सीडीपीओ को छह सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया।