काजीरंगा में बाढ़ का खतरा

काजीरंगा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, आठ वन शिविर जलमग्न

काजीरंगा में बाढ़ से आठ वन शिविर पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। पिछले कई दिनों से जारी बारिश और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण उद्यान के भीतर तेजी से पानी भर रहा है।

By : Just Click National , Harmanjot Singh
काजीरंगा में बाढ़ की स्थिति गंभीर, आठ वन शिविर जलमग्न

गुवाहाटी, (हि.स.) विश्व धरोहर स्थल काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। ब्रह्मपुत्र के बढ़ते जलस्तर से उद्यान का विशाल क्षेत्र जलमग्न हो गया है, जबकि आठ वन शिविर पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। पिछले कई दिनों से जारी बारिश और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण उद्यान के भीतर तेजी से पानी भर रहा है। वन शिविरों के जलमग्न होने के बावजूद वनकर्मी बाढ़ के बीच रहकर गश्त और निगरानी का कार्य लगातार जारी रखे हुए हैं। बाढ़ के पानी से बचने के लिए हाथी, एक सींग वाले गैंडे, हिरण समेत विभिन्न वन्यजीव सुरक्षित स्थानों की तलाश में कार्बी आंगलोंग की पहाड़ियों की ओर पलायन कर रहे हैं। वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए उद्यान प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग-715 से जुड़े विशेष वन्यजीव गलियारों पर बैरिकेड लगाए हैं। राजमार्ग पर वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के मद्देनजर वाहनों की गति नियंत्रित की गई है। वाहन चालकों को धीमी गति और सतर्कता के साथ वाहन चलाने की सलाह दी गई है। वहीं, वन्यजीवों की सुरक्षा और शिकार की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग ने नौकाओं के माध्यम से विशेष गश्त तेज कर दी है तथा पूरे क्षेत्र पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।