चीन में हुए हिमस्खलन के बाद बढ़ा संकट

 नेपाल की भोटेकोसी और त्रिशूली नदी में बाढ़ का खतरा बरकरार

हिमस्खलन के बाद चीन की तरफ से नदी के अवरुद्ध स्थान पर बना ताल अभी पूरी तरह से नहीं खुला है।

By : Just Click National , Sukhwinder Kaur
 नेपाल की भोटेकोसी और त्रिशूली नदी में बाढ़ का खतरा बरकरार

काठमांडू, 26 अगस्त (हि.स.) : हिमस्खलन के बाद चीन की तरफ से नदी के अवरुद्ध स्थान पर बना ताल अभी पूरी तरह से नहीं खुला है। इस कारण नेपाल के भोटेकोसी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है। बाढ़ संबंधी सूचना जारी करते हुए नेपाल बाढ़ सूचना तथा राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरण ने बुधवार दोपहर 1:35 बजे जारी सूचना में लोगों से अगली सूचना जारी होने तक भोटेकोसी और त्रिशूली नदियों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया है। सूचना में कहा गया है कि नदी के अवरुद्ध स्थान पर पानी के बहाव में संभावित बदलाव के कारण निचले तटीय क्षेत्रों में जोखिम अभी कायम है। इसलिए नदी के आसपास स्थित बस्तियों में रहने वाले लोगों से उच्च सतर्कता बरतने की अपील की गई है। इस बीच, चीन की ओर हिमस्खलन के बाद आई बाढ़ ने नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिङ जिलों में व्यापक क्षति पहुंचाई है। नदी में अचानक पानी का बहाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए संबंधित क्षेत्र के लोगों को लगातार सतर्क रहने और प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने को कहा गया है।

संबंधित सामग्री

सीएम सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के समक्ष उठाया ड्रेजिंग का मुद्दा

सीएम सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के समक्ष उठाया ड्रेजिंग का मुद्दा

दोनों नेताओं के बीच हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित नदी क्षेत्रों में वैज्ञानिक ड्रेजिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

लखीमपुर खीरी से जल भरते 4 कांवड़िये डूबे; 3 को निकाला 1 लापता

लखीमपुर खीरी से जल भरते 4 कांवड़िये डूबे; 3 को निकाला 1 लापता

फर्रुखाबाद के पांचालघाट पर लखीमपुर खीरी से जल भरने आए 65 कांवड़ियों में से चार गंगा में डूब गए।

हिमाचल में बारिश का दौर जारी, नदियां-नाले उफान पर, 29 जुलाई तक येलो अलर्ट

हिमाचल में बारिश का दौर जारी, नदियां-नाले उफान पर, 29 जुलाई तक येलो अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में तीन-चार दिनों से जारी गंभीर मौसम के कारण बाढ़ और भूस्खलन की खतरनाक स्थिति पैदा हुई है। लगातार हो रही बारिश से नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ गया है।