शिमला, 02 सितंबर (हि.स.) : हिमाचल प्रदेश में लॉटरी शुरू करने के सरकार के फैसले के खिलाफ भाजपा विधायकों ने बुधवार को विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायक धरने पर बैठे और सरकार के फैसले का विरोध किया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि लॉटरी शुरू करने का फैसला प्रदेश की नई पीढ़ी के लिए नुक्सानदेह है और सरकार को इसे तुरंत वापस लेना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल को देवभूमि के रूप में जाना जाता है और यहां के लोग इस तरह की प्रवृत्तियों से दूर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आर्थिक तंगी का हवाला देकर राजस्व बढ़ाने के लिए लगातार नए कर लगा रही है और अब लॉटरी भी शुरू की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया है कि लॉटरी से किसी तरह की आदत नहीं लगेगी और यह केवल भाग्य का खेल है। जयराम ठाकुर ने कहा कि लॉटरी को केवल भाग्य का खेल बताना समझ से परे है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल पहले ही नशे की समस्या से जूझ रहा है। चिट्टा गांव-गांव तक पहुंच चुका है। ऐसे समय में लॉटरी शुरू होने से लोगों में एक और तरह की लत बढ़ने का खतरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले भी लॉटरी का दौर रहा है और इसके कारण कई परिवारों को नुक्सान उठाना पड़ा था। उनके अनुसार कई लोगों ने लॉटरी के चक्कर में अपनी जमीन और घर तक बेच दिए थे, जबकि कुछ लोग कर्ज में डूब गए थे। उन्होंने कहा कि 1999 के बाद हिमाचल इस समस्या से बाहर निकला था और अब सरकार को दोबारा उसी दिशा में नहीं जाना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था पर जोर देना चाहिए, जिसमें लोगों को उनकी मेहनत का फल मिले। जयराम ठाकुर ने बेरोजगारी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख नौकरियां देने और पांच साल में पांच लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का वादा किया था। नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि भाजपा सरकार के समय प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की संख्या करीब 1.90 लाख थी, जो अब घटकर करीब 1.72 लाख रह गई है। जयराम ठाकुर ने कर्मचारियों और पैंशनरों की मांगों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी और पेंशनर अपनी मांगों को लेकर लगातार धरने-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके अनुसार, सरकार खुद को कर्मचारी हितैषी बताती है, लेकिन कर्मचारियों की कई मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने पैंशनरों के साथ ही एचआरटीसी और एचपीटीडीसी कर्मचारियों की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार को राजस्व जुटाने के लिए ऐसे फैसले लेने से बचना चाहिए, जिनका समाज पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। भाजपा लॉटरी के फैसले का विधानसभा के बाहर भी विरोध करेगी और सदन के भीतर भी इस मुद्दे को उठाएगी।
लॉटरी जुआ बंद करो, रोजगार का प्रबंध करो
लॉटरी शुरू करने के फैसले से नाखुश भाजपा विधायक, विधानसभा परिसर में किया प्रदर्शन
हिमाचल पहले ही नशे की समस्या से जूझ रहा है। चिट्टा गांव-गांव तक पहुंच चुका है। ऐसे समय में लॉटरी शुरू होने से लोगों में एक और तरह की लत बढ़ने का खतरा है।
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Sukhwinder Kaur
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