शिमला, 26 अगस्त (हि.स.) : हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच भूकम्प के झटके लगे हैं। शिमला में बुधवार सुबह भूकम्प के हल्के झटकों से धरती हिली। भूकम्प की तीव्रता रिक्टर स्केल पर चार रही। ये झटके सुबह 5 बजकर 46 मिनट पर कुछ सैकेंड तक रहे। राष्ट्रीय भूकम्प विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकम्प का केंद्र शिमला में 31.387 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.787 डिग्री पूर्वी देशांतर पर रहा और इसकी गहराई जमीन की सतह से 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। भूकंप के झटकों के कारण किसी तरह का जान-माल का नुक्सान नहीं हुआ है। इससे पहले चम्बा में भी आज तड़के रिक्टर स्केल पर 2.5 की तीव्रता के भूकंप के झटके लगे थे। ये झटके भी सुबह 4 बजकर 38 मिनट पर महसूस हुए, लेकिन इससे कोई नुक्सान नहीं हुआ। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि भूकम्प की तीव्रता कम होने की वजह से शिमला और चम्बा जिलों व आसपास के क्षेत्रों में किसी तरह के नुक्सान की रिपोर्ट नहीं है। इससे पहले हिमाचल प्रदेश में कई बार कम तीव्रता के भूकम्प के झटके लग चुके हैं। हालांकि किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ था। हिमाचल प्रदेश में भूकंप का लगातार आना लोगों को दहशत में डाल रहा है। कुछ माह पहले भारतीय मानक ब्यूरो के नए भूकंपीय मानचित्र के अनुसार पूरे हिमाचल प्रदेश को भूकंप के सबसे खतरनाक जोन-6 में शामिल किया गया था, लेकिन बाद में केंद्र सरकार ने इस नए जोन-6 मानक को रद्द कर पुराना सिस्मिक मानक फिर से लागू कर दिया है। नए भूकंप डिज़ाइन कोड के तहत पूरे हिमालयी क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश को सबसे ऊंचे जोखिम वाले जोन-6 में रखा गया था, जिससे पूरा राज्य अतिसंवेदनशील घोषित हुआ था। नए मानकों पर उठे सवालों और प्रशासनिक समीक्षा के बाद सरकार ने जोन-6 के नए नक्शे/मानक को रद्द कर दिया और पुराने भूकंपीय मानकों को ही दोबारा बहाल कर दिया है। पुराने मानकों के तहत हिमाचल जोन-4 और जोन-5 के संवेदनशील दायरे में आता है। वर्ष 1905 में कांगड़ा व चम्बा जिलों में आये विनाशकारी भूकंप से 10 हज़ार से अधिक लोग मारे गए थे। उधर हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने से कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 25 से 31 अगस्त तक मानसून की सक्रियता के कारण बादल बरस सकते हैं, हालांकि इस दौरान भारी बारिश का कोई अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की गई है।
बरसात के मौसम में भूकंप से भय
हिमाचल प्रदेश में लगे भूकंप के झटके, शिमला में सुबह-सुबह कांपी धरती
गनीमत रही कि भूकम्प के दौरान किसी तरह का जानी-माली नुक्सान नहीं हुआ है। वहीं 31 अगस्त तक मानसून की सक्रियता के कारण मेघा बरस सकते हैं।
By :
Just Click National
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Sukhwinder Kaur
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