किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की दीक्शन से राज्यपाल का संदेश

युवा चिकित्सक तीन वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने का संकल्प लें: राज्यपाल

राज्यपाल ने चिकित्सकों को निःशुल्क उपचार प्रदान करने, निरंतर अध्ययन और स्वास्थ्य पर ध्यान रखने के साथ-साथ स्वदेशी औषधियों का उपयोग करने का भी आह्वान किया। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रतिष्ठित संस्था है जो आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का प्रदान करती है।

By : Just Click National , Sukhwinder Kaur
युवा चिकित्सक तीन वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने का संकल्प लें: राज्यपाल

लखनऊ, (हि.स.) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में सोमवार को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय का 22वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों को 1707 उपाधियां प्रदान की गईं तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए 20 विद्यार्थियों को कुल 54 पदकों से सम्मानित किया गया। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने युवा चिकित्सक अपने जीवन के प्रारंभिक वर्षों में कम से कम तीन वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने का आह्वान किया। साथ ही निजी अस्पताल एवं क्लिनिक संचालित करने वाले चिकित्सकों से निर्धन एवं जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क अथवा रियायती उपचार उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने युवा चिकित्सकों से निरंतर अध्ययन, अनुसंधान और नवाचार को अपनाने के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण का सर्वाेच्च माध्यम है। रोगी चिकित्सक के पास केवल उपचार के लिए नहीं, बल्कि जीवन की आशा लेकर आता है। ऐसे में चिकित्सकों का संवेदनशील व्यवहार, धैर्य और विश्वास से भरे शब्द भी कई बार दवा से अधिक प्रभावी सिद्ध होते हैं। राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 1905 में स्थापित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का देश का प्रतिष्ठित संस्थान है। विश्वविद्यालय की ओपीडी में प्रतिवर्ष लगभग 19 लाख मरीजों की सेवा होती है।
            उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय गाइनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी, संक्रामक रोग सेवाओं, पेन मेडिसिन, ट्रॉमा क्रिटिकल केयर, रोबोटिक सर्जरी तथा बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करा रहा है। प्रदेश की पहली रोबोटिक ह्यूमन कैडेवेरिक वेट लैब की स्थापना तथा हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड के माध्यम से किफायती दरों पर दवाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की सराहना करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं मानवीय स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भविष्य में भी नई ऊंचाइयां स्थापित कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएगा।