पश्चिम चम्पारण(बगहा), (हि.स.) बिहार के अरवल सदर अस्पताल के सिविल सर्जन के साथ हुई मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार को चिकित्सक संघ के आह्वान पर पश्चिमी चंपारण के बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। इससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई मरीज बिना उपचार कराए वापस लौट गए। चिकित्सकों ने अरवल के सिविल सर्जन पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी और उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। चिकित्सकों का कहना था कि अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर बढ़ते हमले अत्यंत चिंताजनक हैं, जिससे चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।चिकित्सकों ने सरकार से सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक डॉक्टर सुरक्षित वातावरण में कार्य नहीं करेंगे, तब तक मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना कठिन होगा।हालांकि, ओपीडी सेवाएं बंद रहने के बावजूद अस्पताल में आपातकालीन (इमरजेंसी) सेवाएं पूर्ववत संचालित होती रहीं, ताकि गंभीर मरीजों का उपचार प्रभावित न हो। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी मरीज के खिलाफ नहीं, बल्कि चिकित्सकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित कराने के लिए है।
अस्पताल में दबाव से डॉक्टरों ने राहत की मांग
अरवल में सिविल सर्जन पर हमले के विरोध में बगहा अनुमंडलीय अस्पताल की ओपीडी ठप
बिहार के अरवल जिले में चिकित्सा कर्मियों ने रविवार को अस्पताल में हुए सर्जन पर हुए हमले की निंदा करते हुए सुरक्षा और कामकाज को सुधारे जाने का आह्वान किया। अस्पतालों में बढ़ती भयावहता के खिलाफ चिकित्सा कर्मियों ने सरकार को मजबूत कार्रवाई करने की मांग की।
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Just Click National
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Sukhwinder Kaur
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