जयपुर, (हि.स.) राजस्थान में मानसून का जोर लगातार बना हुआ है। शुक्रवार को मौसम विभाग ने बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों के लिए भारी से अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि नौ जिलों में ऑरेंज और शेष कई जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में सक्रिय तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियों के कारण 27 जुलाई तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। शुक्रवार सुबह अलवर समेत कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश हुई। अलवर में तड़के करीब 20 मिनट तक झमाझम बारिश होने से बाला किला की पहाड़ियों पर झरने बह निकले। जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और सीकर सहित कई शहरों में भी बारिश और बादलों की आवाजाही से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली तथा अधिकांश स्थानों पर दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे मापा गया।
गुरुवार को बाड़मेर, जालोर, सिरोही, उदयपुर, पाली, भीलवाड़ा और जैसलमेर सहित कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। उदयपुर जिले के लसाड़िया क्षेत्र में 24 घंटे के दौरान 11 इंच से अधिक वर्षा मापी गई, जबकि भीलवाड़ा के बागोर में 60 मिमी, हमीरगढ़ में 50 मिमी, सलूंबर में 61 मिमी, झालड़ा में 62 मिमी, पचपदरा में 51 मिमी, पाटौदी में 55 मिमी, आमेट में 61 मिमी, सरदारगढ़ में 54 मिमी, राजसमंद शहर में 49 मिमी, राश्मी में 53 मिमी, भदेसर में 45 मिमी तथा जालौर में 51 मिमी बारिश हुई। भीलवाड़ा जिले के रायपुर थाना क्षेत्र के कलाल खेड़ी गांव में गुरुवार शाम दर्दनाक हादसा हुआ। तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से चरवाहे धर्मा नाथ और उनकी 11 वर्षीय दोहिती गायत्री नाथ की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में सात बकरियां भी झुलसकर मर गईं। घटना के समय ग्रामीणों ने तेज धमाके की आवाज सुनने की भी जानकारी दी। लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। डूंगरपुर में सोम और माही नदियां उफान पर हैं। कई जगह बरसाती नदियां बहने, पुलियाओं के क्षतिग्रस्त होने और जलभराव के कारण गांवों तथा छोटे कस्बों का संपर्क टूट गया है। हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, ब्यावर, भीलवाड़ा और उदयपुर सहित कई जिलों में खेत जलमग्न हो गए हैं।