मध्य प्रदेश के सागर जिले का मामला

जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत, 8 गंभीर मरीज बीएमसी रैफर

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोगों से अपील की है कि जिन लोगों ने पिछले 24 से 48 घंटे में किसी भी तरह की शराब का सेवन किया है, वे लक्षण नहीं होने पर भी एहतियात के तौर पर स्क्रीनिंग कराएं।

By : Just Click National , Sukhwinder Kaur
जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत, 8 गंभीर मरीज बीएमसी रैफर

सागर, 6 सितंबर (हि.स.) : मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील के आसपास के गांवों में जहरीली शराब पीने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। 24 मरीजों का इलाज चल रहा है और आठ की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर मरीजों को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी), सागर रेफर किया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर प्रतिभा पाल, एसपी अनुराग सुजानिया सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासन ने प्रभावित गांवों में स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि शनिवार रात घूघर, नौराज, गूगरा खुर्द, बराज और आसपास के क्षेत्रों में कुछ लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद कई लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें बंडा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद कुछ लाेगाें काे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कई मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद सागर रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचे मरीजों में कुछ के शरीर नीले पड़ने और अकड़न की शिकायत सामने आई। घटना के बाद रविवार सुबह से स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पहुंचकर शराब का सेवन करने वाले लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने लोगों से अपील की है कि जिन लोगों ने पिछले 24 से 48 घंटे में किसी भी तरह की शराब का सेवन किया है, वे लक्षण नहीं होने पर भी एहतियात के तौर पर स्क्रीनिंग कराएं। मौतों के बाद सागर कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी ग्राम नौराज और गूगरा खुर्द पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एहतियात के तौर पर क्षेत्र की छह शराब दुकानों को सील किया गया है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय सूत्रों और कुछ शराब ठेकेदारों का दावा है कि क्षेत्र में नकली और अवैध शराब की बिक्री को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं।