भोपाल, (हि.स.). मध्य प्रदेश हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। केंद्रीय संचार मंत्रालय और दूरसंचार विभाग की एक बड़ी पहल के तहत, ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन बनाया जा रहा है। पब्लिक रिलेशन ऑफिसर बबीता मिश्रा ने बताया कि गुरुवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में दूरसंचार विभाग (DoT) और मध्य प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन किए जाएंगे। इस मौके पर केंद्रीय संचार और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेमसानी समेत कई खास मेहमान मौजूद रहेंगे। पब्लिक रिलेशन ऑफिसर के मुताबिक, करीब 350 एकड़ में बनने वाला यह स्टेट-ऑफ-द-आर्ट प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल क्लस्टर एक ही कैंपस में मोबाइल डिवाइस, नेटवर्क इक्विपमेंट, ऑप्टिकल फाइबर, सेमीकंडक्टर और 5G और 6G रिसर्च एंड डेवलपमेंट समेत पूरी टेलीकॉम वैल्यू चेन डेवलप करेगा। केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट के पहले फेज के लिए 493 करोड़ रुपये की 100 परसेंट सेंट्रल ग्रांट मंजूर की है। राज्य सरकार SADA एरिया में 100 एकड़ और ग्वालियर IT पार्क में 70 एकड़, कुल 170 एकड़ जमीन फ्री में दे रही है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 596 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट में कॉमन टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन लैब, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर, मॉडर्न स्टोरेज, सड़कें और ICT इंफ्रास्ट्रक्चर भी डेवलप किया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट से आने वाले सालों में करीब 12,000 से 15,000 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट आने की उम्मीद है और इससे करीब 5,000 डायरेक्ट स्किल्ड जॉब्स पैदा होने की उम्मीद है। इनमें से अकेले पहले फेज़ में ही करीब 3,500 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।