गुवाहाटी, (हि.स.) असम सरकार ने राज्य और पड़ोसी पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश प्रवक्ता मीता नाथ बोरा ने आज कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में सरकार ने त्वरित और समन्वित तरीके से राहत कार्य शुरू किए हैं। उन्होंने बताया कि असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, असम पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा स्वास्थ्य विभाग लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और विधायकों को प्रभावित क्षेत्रों में रहकर स्थिति की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं से भी राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करने का आह्वान किया गया है। सरकार के अनुसार, बाढ़ प्रभावित जिलों में 101 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 9,606 लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि 34,905 लोगों को राहत वितरण केंद्रों और अन्य माध्यमों से सहायता पहुंचाई जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा दल भी तैनात किए गए हैं, जो दवाइयों, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। राज्य सरकार ने बाढ़ में 10 लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर बचाव और निकासी अभियान के लिए भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना को भी तैयार रहने का अनुरोध किया गया है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि सभी प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचने तक राहत एवं पुनर्वास कार्य जारी रहेंगे।
असम सरकार ने बाढ़ राहत अभियान तेज किया, 44 हजार से अधिक लोगों को सहायता
असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित 44,000 लोगों को सहायता देने के लिए वितरण केंद्रों में तेजी से कार्य चलाया है। मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्वास सरमा और भाजपा ने इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई
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