चंडीगढ़, पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार महिलाओं के कल्याण तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार जनहितकारी कदम उठा रही है। इसी क्रम में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अब तक गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को 1.70 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। इस सम्बन्धी ओर जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि सरकार द्वारा पहले बच्चे के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि दो किस्तों में प्रदान की जाती है, जिसमें पहली किस्त 3,000 रुपये तथा दूसरी किस्त 2,000 रुपये की होती है। उन्होंने बताया कि यदि दूसरे बच्चे के रूप में बेटी का जन्म होता है, तो सरकार की ओर से 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता एकमुश्त प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि यह पूरी राशि लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से भेजी जाती है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अब तक 4,056 गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक इस योजना के अंतर्गत 36,154 लाभार्थी महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है।
पंजाब की महिला वित्तीय सहायता
*गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली 4,056 महिलाओं को 1.70 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता : डॉ. बलजीत कौर*
पंजाब सरकार ने स्तनपान कर रही और गर्भवती महिलाओं को अब तक ₹1.70 करोड़ की वित्तीय सहायता दी है। डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि पहले बच्चे के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है
By :
Just Click National
,
Harpreet Singh
•
टैग्स:
Punjab financial support scheme
pregnant lactating women benefits
second child policy
direct benefit transfer
₹1.7 crore aid
Dr. Baljit Kaur announcement
संबंधित सामग्री
रोज़गार, शिक्षा और सामाजिक समानता के बल पर मान सरकार ने बदला पंजाब का भविष्य: डॉ. बलजीत कौर
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि माना सरकार पंजाब में युवाओं को रोजगार की नई संभावनाओं सृजित करने और शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाकर सामाजिक समरसता को मजबूत कर रही है।
गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली 4,056 महिलाओं को 1.70 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता : डॉ. बलजीत कौर
पंजाब सरकार ने गर्भवती एवं स्तनपान कर रही महिलाओं को 1.70 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।